सूचना का अधिकार अधिनियम २००५

उक्त अधिनियम की मूल भावना संविधान द्वारा प्रदन्त अधिकारों क नागरिकों द्वारा प्रभावी उपयोग किया जाना है।

यह अधिनियम १५ जून २००५ से जम्मू -काश्मीर को छोड सम्पूर्ण देश पर लागू हो गया है। इसके अन्तर्गत सभी लोक प्राधिकरणों में लोक सूचना अधिकारी एवं सहायक लोक सूचना अधिकारीयों को नियुक्त किया गया हैं । इन नियुक्त अधिकारियो का क यह दायित्व है कि वे नागरिको को अधिनियम के अन्तर्गत प्रदन्त अधिकारों की न सिर्फ रक्षा करें अपितु उन्हें इन अधिकारो के उपयोग के लिये प्रोत्साहित भी करे ।
उक्त अधिनियम की धारा ४(१) के अन्तर्गत महाविद्यालय ने १७ बिन्दु मैन्युअल तथा अन्य सूचनाएँ स्वेच्छा से नागरिकों को उपलब्ध कराने क प्रावधान किया हैं ।
सूचना के अधिकार के द्वारा शासन में पारदर्शिता ,खुलापन और जबाब देहिता लाकर सुशासन की परिकल्पना को साकार किया जा सकता हैं ।