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परिचय
वीरांगना झलकारी बाई कन्या महाविद्यालय ग्वालियर म.प्र. शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित है और जीवाजी विश्वविद्यालय से सम्बध हैं । इस महाविद्यालय क पूर्व नाम शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय रहा है।शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय की स्थापना औद्योगिक क्षेत्र हजीरा ग्वालियर में १७ दिसम्बर १९८२ को हुई । औद्योगिक क्षेत्र हजीरा ग्वालियर की बालिकाओं के शैक्षणिक एवं समुचित विकास को ध्यान में रखते हुए इस महाविद्यालय को प्रारम्भ किया गया । सत्र २००३ में इस महाविद्यालय का नाम शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय के स्थान पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरांगना झलकारी बाई के सम्मान में वीरांगना झलकारी बाई शासकीय महाविद्यालय रखा गया । महाविद्यालय का प्रशासनिक कार्य इसी नाम से चल रहा है ।
अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति ,पिछडा वर्ग , गरीबी रेखा से नीचे निर्धान व गरीब छात्राओं के लिए ,अनुरक्षण गृह ,बीडी श्रमिकों , ग्रामीण क्षेत्रों तथा निर्माण मजदूरो की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कर्वाने के उद्देश्य से म.प्र. शासन की कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत यह महाविद्यालय दृढ संकल्पित हो कार्यरत है ।
म.प्र. शासन की महिलाओं में उच्च शिक्षा का प्रसार करने के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए महाविद्यालय संचालित हैं ।
महाविद्यालय में वर्तमान सत्र २००७-२००८ में छात्र संख्या १५१ है । महाविद्यालय में कला संकाय के अन्तर्गत स्नातक एवं समाज शास्त्र विषय में स्नातकोत्तर स्तर की कक्षाऎं संचालित हैं । महाविद्यालय उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर अग्रसर है। उन्नति के इस गौरवमयी इतिहास परंपरा को संजोए उसके स्तर की अभिवृत्ति में महाविद्यालय परिवार अपने पूर्ण मनोयोग से परिश्रमरत हैं।
वर्तमान मे महाविद्यालय के लिए म.प्र शासन द्वारा ९६.७० लाख की राशि भवन निर्माण हेतु स्वीकृत की गई है। भूमि का क्षेत्रफल २.०१६ हेक्टेयर है।
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