पाठ्यक्रम
महाविद्यालय में प्रथमा , पूर्वमध्यमा एवं उत्तर मध्यमा कक्षाओं में मध्यप्रदेश संस्कृत बोर्ड भोपाल का पाठ्यक्रम संचालित है जबकि शास्त्री एवं आचार्य कक्षाओं में अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा का पाठ्यक्रम संचालित है। यहाँ स्नाकोत्तर या आचार्य में तीन विषयों में अध्यापन कार्य प्रचलित है जो नव्यव्याकरण ,संस्कृत साहित्य और फलित ज्यौतिष हैं । इन तीनों विषयों का पाठ्यक्रम अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा द्दारा निर्धारित किया जाता है और उसी का पठन पाठन होता है । इसी प्रकार शास्त्री या स्नातक कक्षाओं में अनिवार्य विषयों के पाठ्यक्रम एकीकृत होने के कारण वही हैं जो बी.ए. आद्त में हैं । इसके अलावा यहाँ ऎच्छिक विषयों में संस्कृत के तीन विषयों -नव्यव्याकरण ,संस्कृत साहित्य और फलित ज्यौतिष का अध्यापन होता है तथा आधुनिक विषयों में हिन्दी का अध्यापन किया जाता है। अतिरिक्त एच्छिक विषयों के रुप में अंग्रेजी का अध्यापन प्रचलित है । इन विषयों का पाठ्यक्रम अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा द्दारा निर्धारित किया जाता है। इन पाठ्यक्रमों में अनिवार्य विषयों (एकीकृत पाठ्यक्रम ) का अध्ययन अध्यापन माध्यम हिन्दी है ओर अंग्रेजी विषय का माध्यम अंग्रेजी है। संस्कृत के विषयों नव्यव्याकरण ,संस्कृत साहित्य और फलित ज्यौतिष का माध्यम संस्कृत है । इस प्रकार यहाँ विषयों के अनुरुप पाठ्यक्रमों का अध्ययन अध्यापन माध्यम संस्कृत ,हिन्दी और अंग्रेजी तीनों में प्रचलित है।
| प्रथमा (मिडिल समकक्ष) |
प्रथम वर्ष |
द्वितीय वर्ष |
तृतीय वर्ष |
कुल |
01 |
01 |
02 |
21 |
| पूर्व मध्यमा ( हाईस्कूल समकक्ष) |
प्रथम वर्ष |
द्वितीय वर्ष |
कुल |
| 11 |
11 |
22 |
| उत्तर मध्यमा (इन्टरमीडियेट समकक्ष) |
प्रथम वर्ष |
द्वितीय वर्ष |
कुल |
| 11 |
16 |
27 |
| शास्त्री ( स्नातक समकक्ष) |
प्रथम वर्ष |
द्वितीय वर्ष |
तृतीय वर्ष |
कुल |
| 01 |
12 |
10 |
23 |
| आचार्य ( स्नातकोत्तर समकक्ष ) |
पूर्वार्द्द |
उत्तरार्द्द |
कुल |
| 12 |
06 |
18 |
| छात्र संख्या योग |
94 |
छात्र संख्या २००६-०७
| कक्षा |
छात्रसंख्या |
छात्रायें संख्या |
कुल योग |
| प्रथम वर्ष |
14 |
1 |
15 |
| द्वितीय वर्ष |
12 |
1 |
13 |
| तृतीय वर्ष |
09 |
- |
09 |
| पूर्वार्द्द |
07 |
2 |
09 |
| उत्तरार्द्द |
07 |
4 |
11 |
| कुल |
49 |
8 |
57 |
शास्त्री से आचार्य 49
प्रथमा से मध्यमा 45