Madhya Pradesh at a Glance

सामान्य जानकारियां

स्थान     

जैसा कि इसके नाम से पता चलता है कि मध्येप्रदेश, भारत के बिल्कुल मध्य‍ में स्थित है, राज्य की सीमा पांच अन्य राज्यों से जुडी हुई है जैसे – उत्तर-पश्चिम में राजस्थान, उत्तर में उत्तर प्रदेश, पश्चिम में गुजरात, दक्षिण में महाराष्ट्र और उत्तर-पूर्व में छत्तीसगढ़।

क्षेत्रफल

राज्य का भौगोलिक क्षेत्र 3,08,000 वर्ग किलोमीटर तक फैला है।

जलवायु

राज्य सभी प्रकार से, पूरे वर्ष भर सामान्य‍ खुशनुमा जलवायु के समान प्रवृत्त रहता है और कभी कभी चरम मौसम क्षेत्र के साथ मिला हुआ सा प्रतीत होता है।

क्षेत्र

मालवा, निमाड़, बुन्देरलखण्ड, बघेलखण्ड , चम्बल और महाकौशल।

भाषाएं तथा बोलियां

यहां की प्रमुख भाषा हिन्दी है। यहां और आसपास के स्थानों जैसे : भोपाल, सिरोंज, बुरहानपुर, कुरवाई आदि, स्थानों पर हिन्दी एवं उर्दू भाषा को मिश्रित कर आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसके अतिरिक्तन अन्य बोलियां विभिन्नी क्षेत्रों जैसे :- बुंदेलखण्ड में ‘’बुंदेली’’, मालवा में ‘’माल्वीं’’, निमाड़ में ‘’निमाड़ी’’, बघेलखण्ड‍ में ‘’बघेली’’ और झाबुआ, मण्डला, डिण्डोरी, बालाघाट और सिवनी जिलों के आदिवासी क्षेत्रों में भिलाई तथा गोण्डीं भाषा का सामान्यत: प्रयोग किया जाता है।

आजीविका के साधन

राज्य के अधिकांश लोगों का आजीविका का साधन कृषि है। लगभग 150.75 लाख हेक्टेतयर क्षेत्र खेती के अंतर्गत आता है और कुल कार्यरत जनसंख्या का लगभग 70 प्रतिशत कृषि क्षेत्र पर निर्भर है।

मुख्य फसल

सोयाबीन, गेहूँ, धान, ज्वार, मक्का, चना, मसूर, तुअर, सरसो।

नदियां

नर्मदा, चम्बल, माही, ताप्ती, बेतवा, सोन, बाणगंगा, केन, पेंच, तवा और क्षिप्रा।

वन क्षेत्र

मध्यप्रदेश 94689.38 वर्ग किमी के साथ देश की सबसे बड़ा वन क्षेत्र होने का गौरव प्राप्त करता है जिसमें से 61,886.49 वर्ग किमी आरक्षित वन है, 31098 वर्ग किमी संरक्षित वन और 1705.85 वर्ग किलोमीटर अवर्गीकृत वन के अंतर्गत आता है।

Content Courtesy : MP Madhyam.