RTI GUIDE

Organisation, Functions, and Duties

RESPONSE
‍िवभागीय संरचना

संगठन, कृत्य, तथा कर्तव्यों की विशिष्टताएं

  • स्थापत्यकला।

  • राज्य की सड़कों एवं पुलों का सर्वेक्षण रूपांकन परिकल्पना ,निर्माण, सुधार एवं देख-रेख।

  • क्षेत्रीय विकास के लिये सोंपे गये कार्यो को कार्यान्वित करना।

  • यह विभाग भारत सरकार द्वारा दिये जाने वाले वित्तीय अनुदान के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्गो एवं विशेष केन्द्रीय सहायता के अंतर्गत आदिवासी क्षेत्रों में मार्गो एवं पुलों से संबंधित सर्वेक्षण, रूपांकन, निर्माण और रख-रखाव का कार्य भी सम्पन्न करता है ।

  • केन्द्र प्रवर्तित योजना के अंतर्गत दस्युग्रस्त क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण ।

  • अंतर्राज्यीय एवं आर्थिक महत्व की सड़कों का निर्माण ।

  • बॉंण्ड बी.ओ.टी. योजना के अंतर्गत सड़कों का विकास ।

  • एशियन विकास बैंक की सहायता से सड़क निर्माण।

  • समय-समय पर सौंपे गये अन्य कोई कार्य।

संगठनात्मक गठन- प्रमुख अभियंता एवं मुख्य अभियंता विभाग के शीर्ष होंगे। प्रमुख अभियंता विभाग की सभी गतिविधियों पर पर्यवेक्षण रखेगा एवं विभाग के व्यवस्थित कार्य संपादन के लिये शासन के प्रति दायी होगा।

मुख्य अभियंतागण जो परिक्षेत्र के प्रभार में है, उनके अधीन शासन द्वारा मंजूर सर्किल/संभाग/उप-संभाग होंगे। इसके अतिरिक्त अन्य विवेचनाओं जैसे-शोद्य, परिकल्पना आदि को भी अपेक्षा अनुसार प्रकाशित किया जा सकता है।

उप-संभागों /संभागों/सर्किलों की मांग का निर्धारण समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा नियत मानकों के अनुसार किया जायेगा।

प्रशासनिक संरचना-
प्रमुख
अभियंता- प्रमुख अभियंता शासन का वृत्तिक सलाहकार होगा एवं विभाग के सभी कार्यो के लिये दायी होगा। वह मुख्य अभियंतागण के मध्य समन्वित प्राधिकारी भी होगा।

मुख्य अभियंता- मुख्य अभिंयता उसकी अधिकारिता के अन्तर्गत प्रशासन एवं कर्मचारीवृन्द को नियंत्रित करने के सम्बंध में विभाग का शीर्ष होगा।

सर्किल- विभाग की प्रशासनिक इकाई सर्किल है । अधीक्षण यंत्री स्वयं के प्रभार में होने वाले सर्किल के भीतर संपादित कार्यो के निष्पादन एवं प्रबंध के लिये दायी है।

संभाग-(क) विभाग की कार्यकारी इकाई कार्यपालन यंत्री के प्रभार में होने वाला संभाग है जो सहायक यंत्री गण के लिये विहित लेखा परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका है । कार्यपालन यंत्री उसके संभाग के अन्तर्गत कार्यो के प्रबन्ध एवं निष्पादन के लिये दायी है।

(ख) संभाग अधिकारी प्राथमिक संवितरक के रूप में संपूर्ण संभाग के सभी वित्तीय संव्यवहारों एवं खातों के उचित रख रखाव के लिये दायी होगा। अंकेक्षण एवं सामान्य लेखों में सम्मिलित करने के लिये नियत दिनांक तक उससे महालेखाकार को लेखे प्रस्तुत करनें की अतिरिक्त अपेक्षा भी की जाती है। वह यह भी सुनिश्चित करेगा कि उसके संभाग के लेखों को बकाया होने की अनुमति नहीं दी गई है।

उप-खण्ड- संभाग को उप-खण्डों में विभक्त किया गया है। प्रत्येक उप-खण्ड सहायक यंत्री के प्रभार में होगा जो विहित लेखा परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका है, अनुविभागीय अधिकारी उसके उप-खण्ड के अधीन कार्य के निष्पादन एवं प्रबन्ध के लिये कार्यपालन यंत्री के प्रति जिम्मेदार है।

अनुभाग- उपखण्ड को उपअभियंता के प्रभार में , अनुभागों में विभक्त किया जाता है जो कि उसके अनुभाग में कार्य के निष्पादन एवं प्रबन्ध के लिये दायी होगा। अनुभाग, उनकी सीमायें, एवं मुख्यालय को सहायक यंत्री द्वारा नियत किया जावेगा। किसी अभियंता को अनुभाग का प्रभार नहीं दिया जायेगा जब तक कि वह विहित प्रशिक्षिण नहीं ले चुका है अथवा लेखे परीक्षा को उत्तीर्ण नहीं कर चुका है।

संरचना का वर्णनात्मक विवरण एवं श्रेणीबद्ध मानचित्र संलग्न है।

Organisation Charts


Government Level / ENC Office

कार्यालय मुख्य वास्तुविद सह मुख्य अभियंता, (आर.डी.डी.) भोपाल

मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र,भोपाल

मुख्य अभियंता, सेतु परिक्षेत्र, भोपाल

मुख्य अभियंता, राजधानी परिक्षेत्र, भोपाल

मुख्य अभियंता, पश्चिम परिक्षेत्र, इंदौर

मुख्य अभियंता, उज्जैन परिक्षेत्र, उज्जैन

मुख्य अभियंता, मध्य परिक्षेत्र, जबलपुर

मुख्य अभियंता, उत्तर परिक्षेत्र, ग्वालियर

मुख्य अभियंता, रीवा परिक्षेत्र, रीवा

मुख्य अभियंता, सागर परिक्षेत्र, सागर

 

लोक निर्माण विभाग के स्वीकृत पदों की पुर्नसंरचना  

 

 

 



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