क्रमांक परस्थत भूम का प्रकार रस्तावत कार्य योजना
1 मानसून की सामान्य स्थत(१५जून से आना) अहल्की भूम

ब-गहरी काली,मध्यम काली भूम स भारी भूम
 उडद मूंग,मूंगफली,ज्वार मक्का  ाद फसलो की बोवाई करें ।सोयाबीन,मूंग,उडद, रहर,ज्वार,मक्का फसलो की बोवाई करें।  ंतरवर्ती फसल लेवें ।धान,सोयाबीन,मक्का,ज्वार फसलो की बोवाई करें ।
2 मानसून का सामान्य से १२ सप्ताह पूर्व  ाना अहल्की भूम

ब-गहरी काली,मध्यम काली भूम स भारी भूम
मूंगफली,मक्का,ज्वार फसलो की बोवाई करें । खाली खेतो में हरी खाद लेंवे ।सोयाबीन मक्का ज्वार अरंडी  रहर फसले बोये साथ ही सभी खेतो में खाद बोये एवं  ंतरवर्ती फसल पद्घत  पनाये ।धान, कपास सोयाबीन मसाले वाली फसले एवं सब्जी लेवें ।
3 मानसून का सामान्य से २ सप्ताह बाद अहल्की भूम

ब-गहरी काली,मध्यम काली भूम स भारी भूम
उडद,मूंग,ज्वार,मक्का फसले बोये एवं खाली खेतो में हरी खाद डालें ।सोयाबीन,अरहर,मूंग,उडद,ज्वार फसले लेवें तथा खाली खेतो में हरी खाद लेवे एवं  ंतरवर्तीय फसले पद्घत को  पनावें ।धान,सोयाबीन,मसाले वाली फसले तथा सब्जी उगायें
4 मानसून का सामान्य से ४सप्ताह बाद (१५ जुलाई तक आना ) अहल्की भूम

ब-गहरी काली,मध्यम काली भूम स भारी भूम
उडद,मूंग,तल,रामतल,ज्वार,मक्का की२५ प्रत० बीजदर बढाकर बोवाई करेंसंकरज्वार मक्का एवं सोयाबीन की ाीध्र पकने वाली फसलो की बोवाई करें ।धान फसल की रोसाई सोयाबीन की ाीध्र पकने वाली कस्मे तथा मक्का की फसल की बीज का २५ प्रतात बढाकर बोवाई करें ।
5 मानसून का सामान्य से ६ सप्ताह बाद ३० जुलाई तक  ाना समस्त प्रकार की भूम रामतल, उडद, तल, हरीखाद एवं चारे वाली फसले की बोवाई करें ।
6 मानसून का सामान्य से ८ सप्ताह बाद १५  गस्त तक  ाना समस्त प्रकार की भूम सूरजमुखी तल हरीखाद वाली फसले की बोवाई करें तथा नमी संरक्षण तकनीकी अपनावे सतम्बर में बोई जाने वाली फसलो के लये खेत तैयार करें ।
7 बोनी के १ से २सप्ताह बाद सूखे की स्थत समस्त प्रकार की भूम नमी संरक्षण तकनीकी अपनावें । नंदाई गुडाई करें ।
8 बोनी के २४सप्ताह बाद सूखे की स्थत समस्त प्रकार की भूम नमी संरक्षण तकनीकी अपनावें । नंदाई गुडाई करें ।
9 मानसून का ाीध्र चले जाना समस्त प्रकार की भूम वभन्न जल स्त्रोतो में जल का भण्डारण करें । फसल में जीवन रक्षक संचाई करें ।
10 अतवृष्ट समस्त प्रकार की भूम धान नर्सरी लगाने में जल वकास करें ।
11 वोष परस्थत - अप्रमाणत बीजो का उपयोग बीजोपचार एवं बीजनवेान  पनाये ।

बसमस्त परस्थतयो में समन्वत पोषण प्रबंधन (५० प्रतात उर्वरक गोबर या कम्पोस्ट खाद ५ टन प्रत हेक्टर जैवक खादे) तथा समन्वत खरपतवार नयंत्रण की तकनीक  पनाई जावें ।

 सफसलो में एकीकृत कीट संरक्षण उपाय को  पनाया जावें ।

दसोयाबीन फसल में जल नकास की व्यवस्था करें ।

ई र्न्तवर्तीय फसल पद्घत में  १ रहर  सोयाबीन २.४ २ज्वार  सोयाबीन २.२ ३मक्का  सोयाबीन २.२ को  ावयकता  नुसार  पनाये ।