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मध्यप्रदेष राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल

मध्यप्रदेष राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल

प्रदेश में अधिसूचित कृषि उपजों का बेहतर नियमन एवं नियंत्रण स्थापित करने तथा कृषकों को बिचौलियें के शोषण से बचाने, समयावधि में उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य दिलाने एवं उनको विपणन की बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराने में मंडी समितियों का महत्वपूर्ण योगदान है। वर्तमान में प्रदेश में 246 मंडियां एवं 273 उप मंडियां कार्यरत है। प्रदेश की फल-सब्जी हेतु 121 कृषि उपज मंडी समितियों को अधिसूचित किया गया है।

भूमि एवं संरचना का आवंटन नियम, 2009
 

प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में भूखण्ड, दुकान, गोदाम, शापकम गोदाम, केन्टीन आदि के आवंटन के लिये म0प्र0कृषि उपज मंडी (भूमि एवं संरचना का आवंटन) नियम, 2009 बनाये गये है, जो वर्तमान में प्रभावशील है।

मंडियों में जन भागीदारी
 

वर्तमान में प्रदेश की 246 कृषि उपज मंडी समितियों में से 244 मंडी समितियों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। जिसमें अध्यक्ष, कृषक एवं व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ तुलाईयों तथा हम्मालो के एक प्रतिनिधि का भी निर्वाचन कराया जायेगा। निर्वाचन 2012 की प्रारंभिक तैयारियों के अंतर्गत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण संबंधी कार्य प्रचलित है, जिसके अंतर्गत बनवासी पट्टेधरियों के नाम भी मतदाता सूची मे सम्मिलित किए जा रहे हैं।

मंडियों में आवक

प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में विगत वर्ष 2007-08 में माह अप्रेल से मार्च की अवधि में आवक में 174.88 लाख टन की आवक हुई थी। वर्ष 2008-09 में इसी अवधि में आवक 169.49 लाख टन की आवक होकर विगत वर्ष की तुलना में 3.08 प्रतिशत की कमी हुई एवं वर्ष 2009-10 में इसी अवधि में 171.57 लाख टन की आवक होकर गत वर्ष की तुलना में 1.23 प्रतिशत की वृद्वि हुई। वर्ष 2010-11 की अवधि में 217.52 लाख टन की आवक होकर गत वर्ष की तुलना में 26.78 प्रतिशत की वृद्वि हुई है।
वर्ष 2011-12 में माह अप्रेल से दिसम्बर तक की अवधि में 177.43 लाख टन की आवक हुई जो गत वर्ष इसी अवधि की तुलना में 4.08 प्रतिशत की वृद्वि हुई है।

मंडियों की आय

प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में वित्तीय वर्ष 2007-08 में माह अप्रेल से मार्च की अवधि में मंडी फीस से 466.36 करोड रूपये आय हुई थी। वर्ष 2008-09 में इसी अवधि में आय में 478.23 करोड रूपये की आय होकर विगत वर्ष की तुलना में 2.55 प्रतिशत की वृद्वि हुई एवं वर्ष 2009-10 में इसी अवधि में 571.08 करोड़ रूपये की आय होकर गत वर्ष की तुलना में 19.42 प्रतिशत की वृद्वि हुई। वर्ष 2010-11 की अवधि में 742.78 करोड़ की आय होकर गत वर्ष की तुलना में 30.07 प्रतिशत की वृद्वि हुई है।
वर्ष 2011-12 में माह दिसम्बर तक की अवधि में 552.03 करोड की आय हुई है, जो गत वर्ष इसी अवधि की तुलना में 0.49 प्रतिशत की कमी हुई है।

मंडी प्रांगण में रियायती दर पर भोजन व्यवस्था -

शासन की योजना अंतर्गत ''मंडी प्रांगण में कृषि जिन्स विक्रय हेतु आने वाले कृषकों को 10/- रूपये में भोजन उपलब्ध कराने बाबत् प्रदेश की 241 मंडी समितियों में से 238 मंडियों में योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है।

मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना

 

प्रदेश के कृषकों की सहायता के लिये मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना लागू की जाकर कार्यालयीन पत्र दिनांक 27.09.2008 से क्रियान्वयन करने हेतु समस्त जिला कलेक्टर को निर्देश जारी किये गये है। योजना की कण्डिका 2 में उल्लेखित परिस्थितियां घटित होने पर आर्थिक सहायता राशि :-

 

01. मृत्यु होने पर - 50,000/-
02. दुर्घटना में स्थाई अपंगता - 25,000/-
03. दुर्घटना में अंग भंग होने से आंशिक अपंगता - 7,500/-
04. अंत्येष्टी अनुदान - 2,000/-
उपरोक्त उल्लेखित प्रावधान अनुसार हितग्राही को भुगतान किया जाता है।

इस योजना अंतर्गत माह दिसम्बर 2011 तक कुल 2.19 करोड प्राप्त हुए हैं। जिसमें योजना अंतर्गत विभिन्न जिला कलेक्टर्स से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार वर्ष 2009-10 में रू0 36.00 लाख की सहायता राशि 93 हितग्राहियों को एवं वर्ष 2010-11 में रूपये 99.58 लाख की सहायता राशि 248 हितग्राहियों को तथा वर्ष 2011-12 (अप्रेल से दिसम्बर तक) में रूपये 76.42 लाख की सहायता राशि 192 हितग्राहियों को वितरित की गई है।

मुख्यमंत्री मंडी हम्माल एवं तुलावटी सहायता योजना 2008

प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं तुलावटियों के उत्थान के लिये कार्यालयीन आदेश दिनांक 27.09.2008 द्वारा योजना लागू की गई है।

मंडी हम्माल तुलावटी योजना अंतर्गत प्रावधान :-


(1) प्रसुती अवकाश सुविधा - 15 दिवस की अकुशल मजदूरी (पुरूष महिला)
   अधिकतम दो प्रसुती - 42 दिवस की अकुशल मजदूरी (महिला हम्माल)
(2) विवाह हेतु 10,000/- - दो पुत्रियों की सीमा तक

(3)प्रथम श्रेणी अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति हेतु प्रतिवर्ष दिये जाने वाली सहायता

 
कक्षा 
 
छात्रा प्रतिवर्ष छात्र प्रतिवर्ष
5 से 7 1000 800
8 से 9 1200 950
10 से 12 1700 1200
स्नातक 4000 3000
स्नातकोतर 6000 5000
   
(4) 20,000/- तक चिकित्सा सहायता - (हम्माल एवं तुलावटी हेतु)
(5) स्थायी अपंगता दो अंगो के क्षतिग्रस्त होने पर - 25,000/-
   आंशिक अपंगता - 7,500/-
(6) मृत्यु होने पर - 50,000/-
(7) अंत्येष्टी पर - 2000/-

उपरोक्त उल्लेखित प्रावधान अनुसार हितग्राही को भुगतान किया जाता है। योजना अंतर्गत विगत वर्ष 2009-10 में कुल 132 प्रकरणों में हितग्राहियों को राशि रू0 3.35 लाख की सहायता प्रदान की गई है। वर्ष 2010-11 में प्रकरणों की संख्या 1180 एवं राशि रू0 29,03,788/- एवं माह अप्रेल 2011 से दिसम्बर 2011 तक प्रकरणों की संख्या 1759 एवं राशि रू0 61,19,525/- का वितरण किया गया।

कृषि विपणन पुरस्कार योजना

इस योजना अन्तर्गत मंडी समितियों में ड्रा लॉटरी द्वारा प्रत्येक वर्ष में 2 बार बलराम जयंती एवं नर्मदा जयंती पर निकाले जाते है। जिसमें बम्पर ड्रा के पुरस्कार में क-संवर्ग की मंडी में 35 अश्वशक्ति का टेक्ट्रर एवं ख, ग, घ प्रवर्ग की मंडी समिति 50,000/- रूपये मूल्य के कृषि यंत्र दिये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त 'क' वर्ग की मंडी समिति में प्रथम पुरस्कार में 21,000/-, द्वितीय पुरस्कार में 15,000/-, तृतीय पुरस्कार में 11,000/- एवं चतुर्थ पुरस्कार में 5,000/-
'ख' वर्ग की मंडी समिति में प्रथम पुरस्कार 15,000/-, द्वितीय पुरस्कार 8,000/-, तृतीय पुरस्कार 5500/- एवं चतुर्थ पुरस्कार 3000/-
'ग' वर्ग की मंडी समिति में प्रथम पुरस्कार 10,000/-, द्वितीय पुरस्कार 6,000/-, तृतीय पुरस्कार 3000/- एवं चतुर्थ पुरस्कार 2000/-
'घ' वर्ग की मंडी समिति में प्रथम पुरस्कार 5,000/-, द्वितीय पुरस्कार 3,000/-, तृतीय पुरस्कार 2000/- एवं चतुर्थ पुरस्कार 1000/-

इलेक्ट्रानिक एक्सचेंज के माध्यम से स्पॉट टे्रेडिंग -

म0प्र0 कृषि उपज मंडी (एक से अधिक मंडी क्षेत्रों के लिये विशेष अनुज्ञप्ति) नियम 2009 के तहत मेसर्स नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड मुम्बई को लायसेंस जारी कर कृषि उपज मंडी समिति इंदौर, विदिशा, गंजबासोदा, गुना में स्पॉट टे्रेडिंग की सुविधायें उपलब्ध कराई गई है।

मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं का क्रियान्वयन -

शासन की नीति के अंतर्गत कृषकों को मिट्टी परीक्षण की सुविधा का लाभ मिले, इसके लिये मंडी बोर्ड द्वारा जिला स्तर पर प्रदेश की 26 मंडियों में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालायें स्थापित की गई है। वर्तमान में 26 प्रयोगशालाओं में से 24 में प्रयोगशाला प्रभारी व 24 में लेब टेक्निशियन की नियुक्ति की जा चुकी है, इन 26 प्रयोगशालाओं में से 24 क्रियाशील है एवं 02 अक्रियाशील है। दो अक्रियाशील प्रयोगशाला को क्रियाशील किये जाने हेतु अनुसंधान निधि से राशि उपलब्ध कराई जाने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

मंडी बोर्ड संचालक मण्डल की 117 वीं बैठक दि. 07.1.2011 के प्रस्ताव क्रमांक 14 में पारित निर्णय के अनुपालन में प्रदेश की जिला मुख्यालय की 26 मंडियों तथा जिला मुख्यालय के अलावा 28 ''अ'' श्रेणी के मंडियों में, इस प्रकार कुल 54 मंडी समितियों में नवीन मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालायें स्थापित करने का अनुमोदन दिया गया है, जिसके परिपालन में मंडी बोर्ड मुख्यालय भोपाल के आदेश क्रमांक 121-22 दिनांक 01.4.11 द्वारा 54 मंडियों में नवीन मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन 54 नवीन प्रयोगशालाओं में आवश्यक भवन एवं आवश्यक व्यवस्था जैसे प्लेटफार्म, सिंक, पानी, बैठक व्यवस्था इत्यादि की जा रही है।

किसान सडक निधि -

वर्ष 2000-01 से माह दिसम्बर 2011 तक इस निधि अंतर्गत रूपये 1914.06 करोड अर्जित किये गये है।
मंडी बोर्ड द्वारा म0प्र0ग्रामीण सडक विकास प्राधिकरण को राज्य की सडकों के विकास के लिये किसान सडक निधि से माह दिसम्बर 2011 तक रूपये 1281.33 करोड हस्तांतरित किये गये।
मंडी बोर्ड द्वारा सडक निधि से दिनांक 08.10.2010 में हुए संशोधन के फलस्वरूप राशि रू0 236.00 करोड की स्वीकृति के विरूद्व वर्ष 2011-12 में राशि रूपये 69.07 करोड आंचलिक कार्यालयों को विमुक्त किये गये है।

कृषि अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास निधि -

वर्ष 2000-01 से माह दिसम्बर 2011 तक इस निधि अंतर्गत रूपये 248.10 करोड अर्जित किये गये है।
जिसके विरूद्व विभिन्न परियोजनाओं के लिये शासन द्वारा गठित समिति की अनुशंसा उपरांत विभिन्न संस्थाओं को राशि रू0 99.25 करोड अनुदान स्वरूप प्रदाय किये गये है।

गौ संरक्षण एवं संवर्धन निधि -

दिनांक 12 जुलाई 2004 को राजपत्र के माध्यम से यह योजना लागू की गई है।
माह दिसम्बर 2011 तक इस निधि में कुल रूपये 87.88 करोड़ प्राप्त हुये है। जिसमें से म0प्र0गौ-पालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड को कुल रूपये 58.96 करोड प्रदेश के समस्त जिलों की गौशालाओं को अनुदान प्रदान करने हेतु विमुक्त किये गये है।

बोर्ड शुल्क &

बोर्ड की आय का मुख्य स्त्रोत बोर्ड शुल्क अर्थात विपणन विकास निधि है। म0प्र0शासन द्वारा अधिसूचित राजपत्र क्रमांक 160 दिनांक 15.3.2000 एवं कृषि विभाग की अधिसूचना अनुसार कृषि उपज मंडी पर दिनांक 01.04.2000 में मंडी फीस की दर रू0 2 प्रति सौ पर नियत की गई है।

*प्रावधान अनुसार मंडियों को प्राप्त आय (मंडी शुल्क + अनुज्ञप्ति शुल्क) में से शासन के नियम अनुसार एवं निर्धारित स्लैब अनुसार मंडियों से कृषि विपणन विकास निधि (बोर्ड शुल्क) की राशि प्राप्त होती है।

बोर्ड को बोर्ड शुल्क के रूप में वर्ष 2008-09 में रू0 57.00 करोड़ एवं वर्ष 2009-10 में 31 मार्च 2010 तक रू0 60.60 करोड़ प्राप्त हुए है। शुल्क की स्थिति 01 अप्रेल से 31 मार्च वित्त वर्ष अनुसार दर्शायी गई है। वर्ष 2011-12 के माह 01.4.11 से दिसम्बर 2011 तक रूपये 63.41 करोड़ प्राप्त हुए।

भारत सरकार की मार्केट सूचना स्कीम (एगमार्कनेट) -

संक्षिप्त विवरण -विपणन एवं निरीक्षण निर्देशालय, भारत सरकार द्वारा मार्केट इनफारमेंशन नेटवर्क परियोजना शुरू की गयी है। यह योजना विपणन एवं निरीक्षण निर्देशालय द्वारा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश की चयनित मंडी समितियों को निशुल्क कम्प्यूटर्स आदि उपकरण प्रदाय किये गये हैं जिनका उपयोग विपणन एवं निरीक्षण निर्देशालय को प्रदेश की मंडी समितियों की दैनिक आवक तथा भाव की जानकारी राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा विकसित साफ्टवेयर का उपयोग कर इंटरनेट/ई-मेल के द्वारा सम्प्रेषण के लिये किया जायेगा। इन कम्प्यूटर्स के इनस्टालेशन तथा ऑपरेशन के लिये आवश्यक सुविधायें जैसे धूल रहित कक्ष, निर्धारित विद्युत कनेक्शन, कम्प्यूटर ऑप्रेटर तथा टेलीफोन सुविधा संबंधित मंडी समिति द्वारा प्रदाय की जा रही है।

क्रियान्वयन &

भारत सरकार की एगमार्कनेट परियोजना का क्रियान्वयन वर्ष जनवरी 2001 से प्रदेश की मंडी समितियों में किया जाना प्रारम्भ किया गया है। वर्तमान में प्रदेश की कुल 246 मंडियों में से 231 मंडियों के कुल 267 नोडस योजना अंतर्गत लाभान्वित हो चुके है :-


क्र.
 
परियोजना का क्रियान्वयन लाभान्वित मंडियों की संख्या
1. प्रथम चरण 7
2. द्वितीय चरण 39
3. तृतीय चरण 31
4. चतुर्थ चरण 55
5. पांचवा चरण 85
6. छटवां चरण 1
7. सातवां चरण -
8. आठवां चरण 13
9. फल सब्जी वाली मंडियां 36
  कुल नोड्स 267

विशेष :-


भारत सरकार की मार्केट रिसर्च एण्ड इनफारमेशन नेटवर्क स्कीम ''एगमार्कनेट'' के क्रियान्वयन के लिये Proposals for Replacement of Hardware/Software के तहत प्रदेश की प्रथम एवं द्वितीय चरण की वर्ष मार्च 2000 से 2001-02 वाली 46 मंडियों में भारत सरकार द्वारा नये कम्प्यूटर, प्रिंटर, मोडेम इत्यादि सामग्री की आपूर्ति एवं इस्टॉलेशन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

भारत सरकार की मार्केट रिसर्च एण्ड इनफारमेंशन नेटवर्क स्कीम ''एगमार्कनेट'' के क्रियान्यन के लियs New Proposales for Computer Connectivity के तहत प्रदेश की चयनित फल-सब्जी प्रांगणवाली 85 मंडियों में भारत सरकार द्वारा नये कम्प्यूटर, प्रिंटर, मोडेम इत्यादि सामग्री की आपूर्ति एवं इस्टॉलेशन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

योजनातंर्गत परफारमेंस -

भारत सरकार की एगमार्कनेट परियोजना के सफल एवं सुचारू क्रियान्वयन में परफारमेंस की दृष्टि से म. प्र. माह दिसम्बर 2011 की स्थिति में अन्य 25 राज्यों की तुलना में तृतीय स्थान पर है।

इलेक्ट्रानिक तौल-कांटे :-

प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों मे 80 नग बड़े (05 से 40 टन क्षमता) इलेक्ट्रानिक तौल-कांटे तथा 6194 नग छोटे (03 से 10 क्विंटल क्षमता) इलेक्ट्रानिक तौल-कांटे स्थापित किए जा चुके है। समस्त मंडियों में किसानों से प्राप्त उपज को इलेक्ट्रानिक तौल-कांटे से तुलाई करना अनिवार्य किया गया है।

निर्माण शाखा -

  • प्रदेश में प्रथम चरण में रायपेनिंग चेम्बर, कोल्ड चैन की स्थापना के लिये बुरहानपुर एवं अंजड मंडी क्षेत्र में कार्यवाही प्रचलन में साथ ही जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर एवं उज्जैन तथा बुन्देलखण्ड पैकेज के अंतर्गत सभी जिलों में कार्य कराया जाना प्रस्तावित किया गया है।

  • गेहूँ भण्डारण की व्यवस्था के लिये प्रदेश की 40 मंडी प्रांगणों में 1.00 लाख मे0टन क्षमता की गोदामों का निर्माण कार्य कराये जाने की स्वीकृति कृषि अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास निधि से प्राप्त की जाकर भण्डारण व्यवस्था हेतु निर्माण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

  • बुन्देलखण्ड पैकेज के अंतर्गत 6 जिले सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ एवं दतिया में रू0 477.00 करोड के विभिन्न विकास कार्य मंडी प्रांगणों में जिसमें कवर्डशेड, रोड, विद्युत व्यवस्था, जल व्यवस्था इत्यादि के साथ ही वेयरहाउसिंग एवं विपणन संघ की योजनाओं में 5.69 लाख मे0टन क्षमता के निर्माण कार्य कराये जाने हेतु निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

  • किसान सडक निधि से प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की सडकों के निर्माण कार्य एवं मंडी प्रांगण में कृषकों की सुविधा हेतु राशि रू0 335.00 करोड के विभिन्न कार्यो के अंतर्गत तथा आवश्यक मूलभुत सुविधाओं के आधार पर विभिन्न विकास कार्य कराये जा रहे है, जिससे कृषकों को आवागमन में सुविधा एवं मंडी प्रांगणों में आवश्यक सुविधाएं प्राप्त हो सकेगी।

  • मंडी प्रांगण में कृषकों को अपनी उपज की तौल हेतु इलेक्ट्रानिक तौल कांटे से तौल करायी जा रही है। साथ ही मंडी प्रांगण में बडे तौल कांटे बी.ओ.टी आधार पर स्थापित कर कृषकों को सही तौल उपलब्ध कराने हेतु सुविधा प्रदान की गई है।

  • प्रदेश में कम्पोजिट लॉजिस्टिक हब की योजना के अंतर्गत पवारखेडा जिला होशंगाबाद में स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए लगभग 115 एकड भूमि का अधिपत्य मंडी बोर्ड ने प्राप्त कर 88 एकड भूमि पर जन निजी भागीदारी योजना के तहत रू0 150.00 करोड राशि से निवेशन द्वारा लॉजिस्टिक हब तीन वर्ष के अंदर विकसित कर प्रांरभ किये जावेगे, जिससे कार्गो व कंटेनर मूव्हमेंट के लिये इनलैण्ड कन्टेर डिपो (आई.सी.डी) रेल्वे टर्मिनल एवं कोल्ड चैन के लिये भण्डारण तथा प्रसंस्करण केन्द्र के अंतर्गत कोल्ड स्टोरेज विभिन्न प्रकार के वेयरहाउस, कृषि उद्योग मूल्य संवर्धन सेवाएं, ट्रक टर्मिनल आदि का निर्माण एवं संचालन किया जावेगा। इस परियोजना के क्रियान्वयन से होशंगाबाद से लगभग 100 कि0मी0 की परिधि के क्षेत्र के कृषि उद्योग लाभान्वित होगें। यह देश की ''फार्म टू फोर्क इंटिग्रेशन'' की चन्द परियोजनाओं में से तथा प्रदेश में पहली परियोजना है, जिससे लगभग 2500 से 3000 प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। निवेदश्न द्वारा दि0 24.10.11 को अनुबंध निष्पादित किया गया है। उल्लेखित परियोजना के निर्माण कार्य की आवश्यक अनुमोदन/स्वीकृति प्राप्त किया जाकर मार्च 2012 से प्रारंभ किया जायेगा।

  • फल-सब्जी होलसेल मार्केट के अंतर्गत करोंद मंडी प्रांगण भोपाल में सर्व सुविधायुक्त मार्केट का निर्माण कार्य राशि रू0 37.00 करोड के कराया गया है, जिससे भोपाल में फल-सब्जी के लिये एक स्थायी व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी है।

  • प्रदेश की 30 मंडी प्रांगणों में फल सब्जी मंडी प्रांगण के विपणन व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए विकसित करने की योजना के अंतर्गत कृषि अनुसंधान विकास निधि से रू0 68.22 अंतर्गत कृषि अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास निधि से रू0 68.22 करोड की स्वीकृति दी जाकर विकास कार्य प्रारंभ कराये गये है।

पवारखेडा जिला होशंगाबाद में कम्पोजिट लॉजिस्टिक हब की स्थापना -

पवारखेडा जिला होशंगाबाद में कम्पोजिट लॉजिस्टिक हब मण्डी बोर्ड तथा वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के संयुक्त उपक्रम के तहत 115 एकड क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है, जिसमें अनुमानित व्यय रूपये 170.00 करोड़ की राशि की अद्योसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की जावेगी। यह परियोजना पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप की अवधारणा पर आधारित है। उक्त परियोजना में इनलैण्ड कंटेनर डिपो, रेलवे टर्मिनल, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग व कॉमन फैसलिटीज विकसित की जावेगी। साथ ही मण्डी द्वारा क्रय केन्द्र स्थापित विभिन्न प्रसंस्करण यूनिट को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक सुविधाएं विकसित की जावेगी। यह प्रदेश का प्रथम कम्पोजिट लॉजिस्टिक हब की श्रेणी में स्थापित किया जा रहा है, जिसमें समस्त आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेगी।

शाहपुरा जिला जबलपुर में फूड पार्क की स्थापना

जबलपुर संभाग के अन्तर्गत ग्राम खैरी शाहपुरा में आधुनिक सुविधाओं से युक्त 59 हेक्टेयर में अद्योसंरचना विकास निधि के अन्तर्गत फूड पार्क प्लाजा की स्थापना का प्राथमिक चरण का कार्य प्रारम्भ किया गया है, जिस पर वर्तमान में रूपये 140.00 करोड़ का व्यय प्रस्तावित है। उक्त परियोजना के क्रियान्वयन होने से क्षेत्र के कृषक वर्ग को विशेष रूप से लाभ एवं आधुनिक सुविधाएं प्राप्त होगी। योजना का क्रियान्वयन P.P.P. project के तहत किया जा रहा है।

राजधानी भोपाल में होलसेल मार्केट की स्थापना के संबंध में -

प्रदेश की राजधानी भोपाल के नवीन मण्डी प्रांगण करोंद में आधुनिक होल सेल मार्केट स्थापित किये जाने की परियोजना स्वीकृत की गयी है। इस योजना हेतु म0प्र0 शासन द्वारा किसान सड़क निधि मद से रूपये 40.00 करोड़ की स्वीकृति तथा राष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मिशन के अन्तर्गत 25 प्रतिशत अनुदान राशि रूपये 9.16 करोड़ स्वीकृत किये गये है। उक्त होलसेल मार्केट में आधुनिक पध्दति के आधार पर इलेक्ट्रानिक आक्शन, होलसेलर शॉपस्, कैश एवं कैरि स्टोर्स, हाईपर मार्केट, डिस्ट्रीब्यूशन सेन्टर, राईपेनिंग चेम्बर एवं कोल्ड स्टोरेज का प्रावधान करते हुए अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसीत की जा रही है, योजना का कार्य प्रगति पर है। इससे मण्डी क्षेत्र के कृषकों एवं व्यापारियों को लाभ हो

फूलों पर मंडी फीस से छूट -

कृषि उपज मंडी समिति, इन्दौर के विनिर्दिष्ट प्रांगण में फूलों के सुचारू विपणन हेतु आधिुनिक फूल मंडी स्थापित की गई है। मध्यप्रदेश असाधारण राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना दिनांक 17.7.2008 से राज्य सरकार द्वारा धारा 69 के अधीन कृषि उपज मंडी समिति, इन्दौर के मंडी क्षेत्र में अधिसूचित कृषि उपज ''फूल'' पर अधिनियम के अधीन अधिरोपित मंडी फीस के भुगतान से पूर्णत: छूट दी गई है। मंडी फीस की उक्त छूट अद्यतन प्रभावशील है।

फल सब्जी विपणन हेतु अतिरिक्त सुविधाएं

राज्य शासन के द्वारा म प्र क़ृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 6 की धारा 6 में दिनांक 27 जनवरी 2012 को संशोधन कर यह प्रावधान किये गये हैं कि अधिसूचित कृषि उपज यथा फल एवं सब्जी का विपणन उत्पादक द्वारा मंडी प्रागंण के बाहर भी किया जा सकता है। उत्पादकों को पूर्व की भांति मंडी प्रागंण में अपनी उपज लाकर विक्रय करने की सुविधा यथावत रहेगी। यहां यह उल्लेखनीय है कि उत्पादकों के द्वारा जब मंडी प्रागंण के बाहर अधिसूचित कृषि उपज फल एवं सब्जी का विपणन किया जायेगा तब संदर्भित पर म प्र क़ृषि उपज मंडी अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होंगें।
उपरोक्त व्यवस्था से राज्य शासन के द्वारा कृषकाें को उनकी उपज के, जो कि जल्दी खराब होने वाली श्रेणी में आती है, के विपणन हेतु अतिरक्त विकल्प उपलब्ध कराये गये हैं, इसका लाभ फल एवं सब्जी पर आधारित प्रसंस्करणकर्ताओं को भी होगा जो कि उत्पादकों से सीधे कृषि उपज को क्रय का इसका प्रसस्ंकरण एवं इस पर आधारित उद्योगों का संचालन कर सकेगें। राज्य शासन की यह पहल अपने आप मे संपूर्ण देश में पहली है।

एकल लायसेंस प्रणाली प्रभावशील की गई - म. प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 32-क के अधीन एक से अधिक मंडी क्षेत्रों के लिये विशेष अनुज्ञप्ति दिये जाने का प्रावधान किया है। धारा-32-क के अधीन म.प्र. कृषि उपज मंडी (एक से अधिक मंडी क्षेत्रों के लिये विशेष अनुज्ञप्ति) नियम 2003 (संशोधित 2009) के अधीन निम्नानुसार फर्मो को एक से अधिक मंडी क्षेत्रों में क्रय-विक्रय के लिये विशेष अनुज्ञप्ति प्रदान की गई है।
1. आई.टी.सी. लिमिटेड (आई.बी.डी), 2. भास्कर एक्स आईल्स लिमिटेड, 3. शारदा सोलवेन्ट लिमिटेड 4. रेंजर फार्मस लिमिटेड, 5. रिलायन्स रिटेल लिमिटेड, 6. मे0 जयप्रकाश एग्री एलीसियेटिव क. लि.रीवा, 7. रिलायन्स एग्री प्रोडक्ट्स डिस्टिब्यूशन लिमिटेड, 8. उक्त नियम के अंतर्गत ''नेशनल स्पाट एक्सचेंज लिमिटेट'' को केवल एक्सचेंज के लिये विशेष अनुज्ञप्ति प्रदान की गई है।
म.प्र. कृषि उपज मंडी (एक से अधिक मंडी क्षेत्रों के लिये विशेष अनुज्ञप्ति) नियम 2003 को संशोधित कर राज्य सरकार द्वारा 2 मार्च 2009 से नवीन विशेष अनुज्ञप्ति नियम 2009 प्रभावशील कर दिये गये है।

बोर्ड कार्मिक :-

पदोन्नति संबंधी - वर्ष 2011-12 में कार्मिक शाखा द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्यो का विवरण

1. नियमितीकरण    
  (1) सहायक उप निरीक्षक 281
  (2) मंडी समिति सेवा के लिपिक 32
  (3) मंडी समिति सेवा के वाहन चालक  04
  (4) इलेक्टिशियन 02
  (5) भृत्य/चौकीदार/स्वीपर 92
  बोर्ड सेवा  
  (1) उपयंत्री 09
  (2) सहायक प्रोग्रामर 01
  (3) सहायक ग्रेड-3 02
  (4) स्टेनो टायपिस्ट 01
  (5) भृत्य/चौकीदार 12
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    437
2. पदोन्नति    
  1. सचिव ब से सचिव अ पदोन्नति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है  
  2. सचिव स से सचिव ब 03
  3. लेखापाल द्वितीय से लेखापाल प्रथम 28
  4. सहायक उपनिरीक्षक से मंडी निरीक्षक 187
  बोर्ड सेवा  
  1. उपसंचालक से संयुक्त संचालक 01
  2. सहायक संचालक/सचिव प्रथम/
लेखाधिकारी/शीघ्रलेखक-1 से उपसंचालक
11
  3. सहायक यंत्री से कार्यपालन यंत्री 06
  4. सहायक लेखाधिकारी से लेखाधिकारी 02
  5 लेखापाल से सहायक लेखाधिकारी 02
  6 वरिष्ठ अंकेक्षक से सहायक लेखाधिकारी 04
  7. भृत्य/चौकीदार से सहायक ग्रेड-3 02
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    246
3. अनुकम्पा नियुक्ति    
  मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड एवं मंडी समितियों मे वर्ष 2011-12 में 23 जनवरी 2012 तक 39 अनुकम्पा नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी है।  
4. परिवीक्षा समाप्ति    
  राज्य कृषि विपणन बोर्ड में कार्यरत सहायक उपनिरीक्षकों में से वर्तमान तक 239 सेवकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त की जा चुकी है।  
5. सीधी भरती    
  राज्य मंडी बोर्ड सेवा के विभिन्न संवर्गों में व्यवसायिक परीक्षण मण्डल के माध्यम से निम्नानुसार सीधी भरती की गई है।  
  1. सहायक संचालक 06
  2. सहायक यंत्री (सिविल) 09
  3. सहायक यंत्री (इले.) 01
  4. सचिव वर्ग-अ 01
  5. उपयंत्री सिविल 27
  6. उपयंत्री इलेक्टिकल 03
  7. कनिष्ठ अंकेक्षक 25
  8. लेखापाल 59
  9. डाटा इन्ट्रीआपरेटर 07
  10. कनिष्ठ नगर निवेषक 01
  11. सहायक उपनिरीक्षक 486
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    625