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योजना का नाम :- नलकूप खनन योजना

कार्यक्रम/योजना के प्रभावी रहने को समय सीमा : निरन्तर
कार्यक्रम का उद्देश्य : अनुसूचित जाति तथा जनजाति के कृषको के खेतो में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से खोदे गये नलकूपो पर अनुदान उपलब्ध कराना।
कार्यक्रम के भौतिक एवं वाणिज्यिक लक्ष्य (विगत वर्ष में) : वर्ष 2009-10 में भौतिक 2842 (संख्या में) 426.36 वित्तीय
 
लाभार्थी की पात्रता :-  
लघु सिंचाई योजना नलकूप खनन योजना
1 योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों के खेतों में अशासकीय एजेंसी/ठेकेदारों द्वारा नलकूप खनन कराया जाता है।
2 नलकूप खनन उन्हीं किसानों के यहां कराया जावेगा जिन्होने पूर्व में नलकूप नही खोदा है।
3 अनुदान की पात्रता अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उन्हीं कृषकों को होगी जिन्होंने सहकारी अथवा व्यवसायिक बैंको से ऋण लिया हो या स्वयं के व्यय से नलकूप खनन किया हो।
4 उपसंचालक कृषि कार्यालय में हितग्राही का पंजीयन कराना आवश्यक है।
पूर्वापेक्षाएॅ
अनुदान/सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया आवेदक द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने के उपरान्त ग्राम सभा एवं जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति से अनुमोदन पश्चात योजना के तकनीकी मापदण्डो का पालन करने पर राज्य शासन से निर्धारित अनुदान दिया जाता है।
पात्रता निश्चित करने के लिये मापदण्ड बजट प्रावधान के अंतर्गत लाभार्थी को लिखित आवेदन देना होना एवं लाभार्थी का नाम, ग्राम सभा एवं जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति से अनुमोदन होना ।

 

दिये जाने वाले अनुदान/सहायता का विवरण :

नलकूप खनन नलकूप खनन सफल/असफल नलकूप खनन पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के कृषकों के लिए लागत का 75 प्रतिशत अधिकतम रूपये 15000 जो भी कम हो अनुदान देय।
  नलकूप पर पंप स्थापना सफल नलकूप पर पंप स्थापना हेतु अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों के लिए लागत का 75 प्रतिशत अधिकतम रूपये-9000 जो भी कम हो । अनुदान देय ।

अनुदान सहायता के वितरण की प्रक्रिया : आदान सामग्री के रूप में जन प्रतिधियों की उपस्थिति में ।

आवेदन करने के लिये कहॉ/किससे सम्पर्क करें : विकास खण्ड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कार्यालय में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करें ।

आवेदन शुल्क (जहॉ उचित हो) : नहीं

अन्य शुल्क (जहॉ उचित हो) : नहीं