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मिटटी परीक्षण योजना

योजना के प्रभारी रहने की समय सीमा नरन्तर

कार्य का क्षेत्र

सम्पूर्ण मध्यप्रदेा बेहतर फसल उत्पादन एवं मृदा स्वास्थ्य हेतु संन्तुलत पौध पोषण परम आवयक होता है उचत पौध पोषण हेतु खेत की मिटटी में उपलब्ध वभन्न प्रमुख एवं गौण पोषक तत्वों की उपस्थत मात्रा की जानकारी मिटटी परीक्षण -ारा सुलभ होती है । प्राप्त मिटटी परीक्षण परणामो के  ाधार पर कृषक बन्धु उर्वरको का सन्तुलत मात्रा में उपयोग कर  धक उत्पादन प्राप्त कर सकते है ।

 

मिटटी परीक्षण क्या है

खेत की मिटटी में पौधो की समुचत वृद्घ एवं वकास हेतु आवयक पोषक तत्वों की उपलब्ध मात्रा ों का रासायनक परीक्षणों -ारा  ांकलन करना साथ ही वभन्न मृदा वकास जैसे मृदा लवणीयता, क्षारीयता एवं  म्लीयता की जांच करना मिटटी परीक्षण कहलाता है ।

 

मिटटी परीक्षण की आवश्यकता

पौधो की समुचत वृद्घ एवं वकास के लये सर्वमान्य रूप से सोलह पोषक तत्व  ावयक पाये गये है । यह  नवार्य पोषक तत्व है। कार्बन, हाइड्रोजन,  ाक्सीजन, नत्रजन, फास्फोरस, पोटाा, कैलयम, मैग्नायम एवं सल्फर ( मुख्य या  धक मात्रा मे लगने वाले  ावयक पोषक तत्व ) इन पोषक तत्वों मे से प्रथम तीन तत्वों को पौधे प्रायः वायु व पानी से प्राप्त करते है तथा ोष १३ पोषक तत्वों के लये ये भूम पर नर्भर होते है । सामान्यतः ये सभी पोषक तत्व भूम में प्राकृतक रूप से उपलब्ध रहते है । परन्तु खेत में लगातार फसल लेते रहने के कारण मिटटी से इन सभी  ावयक तत्वों का ह्‌ास नरन्तर हो रहा है ।  सन्तुलत पौध पोषण की दाा में फसलो की वृद्घ समुचत नहीं हो पाती तथा पौधो के कमजोर होने एवं रोग व्याध, कीट  ाद से ग्रसत होने की सम्भावना  धक रहती है । परणामस्वरूप फसल उत्पादन कम होता है इसके  तरक्त उर्वरक भी काफी महंगे होते जा रहे है।  तः इन पोषक तत्वों को खेत में  ावयकतानुरूप ही उपयोग करना जससे खेती लाभदायक बन सकती है । खेतो में उर्वरक डालने की सही मात्रा की जानकारी मिटटी परीक्षण -ारा ही प्राप्त की जा सकती है ।  तः मिटटी परीक्षण उर्वरकों के सार्थक उपयोग एवं बेहतर फसल उत्पादन हेतु नतान्त  ावयक है ।

 

मिटटी परीक्षण के उद्देय

मिटटी परीक्षण सामान्यतया नम्न उद्देयो की पूर्त के लये कया जाता है

१ मिटटी में पोषक तत्वों के स्तर की जांच करके फसल एवं कस्म के अनुसार तत्वों की सन्तुलत मात्रा का नर्धारण कर खेत में खाद एवं उर्वरक मात्रा की सफारा हेतु ।

२ मृदा  म्लीयता, लवणीयता एवं क्षारीयता की पहचान एवं सुधार हेतु सुधारको की मात्रा व प्रकार की सफारा कर इन जमीनो को कृष योग्य बनाने हेतु महत्वपूर्ण सलाह एवं सुझाव देना ।

३ फल के बाग लगाने के लये भूम की उपयुक्तता का पता लगाना ।

४ मृदा उर्वरता मानचत्र तैयार करने के लये । यह मानचत्र वभन्न फसल उत्पादन योजना नर्धारण के लये महत्वपूर्ण होता है तथा क्षेत्र वोष में उर्वरक उपयोग संबंधी जानकारी देता है ।

 

मिटटी का नमूना एकत्र करना

मिटटी परीक्षण के लये सबसे महत्वपूर्ण होता है क मिटटी का सही नमूना एकत्र करना । इसके लये जरूरी होता है क नमूना इस प्रकार लया जाये क वह जस खेत या क्षेत्र से लया गया हो उसका पूर्ण प्रतनधत्व करता हो । इस उद्देय की पूर्त हेतु मिटटी के प्रतनध नमूने एकत्र कये जाते है । प्रतनध नमूना लेने के लये ध्यान दे क

१ नमूना लेने से पूर्व खेत में ली गई फसल की बढवार एक ही रही हो ।

२ उसमें एक समान उर्वरक उपयोग कये गये हो ।

३ जमीन समतल व एक ही हो तो ऐसी स्थत में पूरे खेत से एक ही संयुक्त या प्रतनध नमूना ले सकते है ।

इसके वपरीत यद खेत में अलग लग फसल ली गई हो । भन्नभन्न भागो में  लग लग उर्वरक मात्रा डाली गई हो । फसल बडवार कही कम, कही ज्यादा रही हो । जमीन समतल न होकर ढालू हो तो इन परस्थतयो में खेत के समान गुणो वाली सम्भव इकाईयो में बांटकर हर इकाई से  लग लग प्रतनध नमूना लेना चाहये । नमूना सामान्यतः फसल बोने के एक माह पहले लेकर परीक्षण हेतु भेजना चाहये ताक समय पर परणाम प्राप्त हो जायें एवं सफारा के  नुसार खाद उर्वरको का उपयोग कया जा सके ।

 

नमूना एकत्रीकरण हेतु आवयक सामग्री
खुरपी, फावडा, बाल्टी या ट्रे, कपडे एवं प्लास्टक की थैलयां , पेन, धागा, सूचना पत्रक , कार्ड  ाद ।

प्रतनध नमूना एकत्रीकरण वध

१ जस खेत में नमूना लेना हो उसमें जगजैग प्रकार से घूमकर १०१५ स्थानो पर नाान बना ले जससे खेत के सभी हस्से उसमें ाामल हो सकें ।

२ चुने गये स्थानो पर उपरी सतह से घासफूस, कूडा करकट आद हटा दे।

३ इन सभी स्थानो पर १५ सें.मी. (६ ९ इंच) गहरा वी  ाकार का गड्ढा खोदे । गड्डे को साफ कर खुरपी से एक तरफ उपर से नीचे तक २ से.मी. मोटी मिटटी की तह को नकाल ले तथा साफ बाल्टी या ट्रे में डाल ले ।

४ एकत्रत की गई पूरी मिटटी को हाथ से  च्छी तरह मला लें तथा साफ कपडे पर डालकर गोल ढेर बना लें ।  ंगूली से ढेर को चार बराबर भागो की मिटटी  लग हटा दें ।  ब ोष दो भागो की मिटटी पुनः  च्छी तरह से मला लें व गोल बनाये । यह प्रक्रया तब तक दोहराये जब तक लगभग  ाधा कलों मिटटी ोष रह जायें । यही प्रतनध नमूना होगा ।

५ सूखे मिटटी नमूने को साफ प्लास्टक थैली में रखे तथा इसे एक कपडे की थैली में डाल दें । नमूने के साथ एक सूचना पत्रक जस पर समस्त जानकारी लखी हो एक प्लास्टक की थैली में  न्दर तथा एक कपडे की थैली के बाहर बांध देवें ।

६  ब इन तैयार नमूनों को मिटटी परीक्षण प्रयोगााला भेजे ।

 

मिटटी जांच संबंधी सूचना पत्रक

नम्न जानकारी लखा हुआ सूचना पत्रक नमूनो के साथ रखे एवं उपर बांधे

कृषक का नाम----------------------

पता का नाम----------------------

ग्राम/मोहल्ला----------------------

डाकघर----------------------

वकासखण्ड/तहसील----------------------

जला----------------------

खेत का खसरा नम्बर/सर्वे----------------------

पहचान----------------------

संचत/ संचत----------------------

पहले ली गई फसल एवं मौसम----------------------

 ागे ली जाने वाली फसल एवं----------------------

मौसम

नमूना लेने वाले का नाम/हस्ता०----------------------

एवं दनांक----------------------

मिटटी सबंधी  न्य वोष समस्या----------------------

 

वाष्ट परस्थतयो हेतु नमूना एकत्रीकरण

लवण प्रभावत भूम से मिटटी नमूना लेने के लये ९० से.मी. गहरा गड्डा खोदकर एक तरफ से सपाट कर ले । फर वहा से उपर से नीचे की ओर ०१५से.मी., १५३०से.मी., ३०६० से.मी. एवं ६०से ९० से.मी. की परतो से  ाधा ाधा कलो मिटटी खुरच कर  लग लग थैलयो में रखकर व परतो की गहराई लखकर सूचना पत्रक में स्थान का भूजल स्तर, संचाई का स्त्रोत  ाद जानकारी भी लखकर मिटटी नमूनो को प्रयोगााला में परीक्षण हेतु भेजें ।

फलदार पौधे लगाने के लये २ मी. तक नमूना लेना चाहये क्योंक वृक्ष जमीन की गहराई की परतों से  पना पोषण प्राप्त करते है । साथ ही जमीन में कैलयम, कार्बोनेट की मात्रा फलदार पौधो की बढवार के लये महत्वपूर्ण होती है । २ मी. के गड्डे में एक तरफ सपाट करके १५,३०,६०,९०,१२०,१५०,एवं १८० से.मी. की गहराई पर नाान बनाकर  लग लग परतो से  लग  लग मिटटी नमूना (१/२ कलो) एकत्र करें । सूचना पत्रक में  न्य जानकारयो के साथ परतो की गहराई भी लखे । इस प्रकार तैयार नमूनों को परीक्षण हेतु प्रयोगााला भेजे ।

 

मिटटी नमूना का प्रयोगााला में वलेषण एवं परणाम

एकत्रत कये गये नमूनो को कसान भाई अपने ग्रामीण कृष वस्तार  धकारी की मदद से जले की नकटतम मिटटी परीक्षण प्रयोगााला ो में परीक्षण हेतु भजवाये ।

प्रयोगााला ो में सामान्यतः मिटटी परीक्षण कार्बनक कार्बन, मृदा पी.एच.मान (  म्लीयता, क्षारीयता, उदासीनता  ाद) वैधुत चालकता, उपलब्ध नत्रजन , स्फुर एवं पोटाा  ाद का स्तर जानने के लये कये जाते है तथा प्राप्त परणामों के  ाधार पर पोषक तत्वों के नम्नस्तर (कमी)

मध्यम स्तर (पर्याप्त) एवं उच्च स्तर ( धकता) के हसाब से  ागे बोयी जाने वाली फसल के लये उर्वरक एवं खादी को दी जाने वाली मात्रा ो की सफारा की जाती है । इस  ाधार पर कृषक, उर्वरको का सार्थक उपयोग कर  च्छा फसल उत्पादन प्राप्त कर सकते है तथा उर्वरको पर खर्च कये गये पैसों का समुचत उपयोग कर सकते है । सूक्ष्म पोषक तत्वों के वलेषण हेतु नमूना सावधानीपूर्वक एकत्रत कर तथा वाष्ट रूप से यह  ंकत कर भेजे क मृदा में सूक्ष्म तत्व वलेषण भी चाहते है ।

 

नमूना एकत्रकरण के समय सावधानयां

जहां खाद का ढेर रहा हो वहां से नमूना न लें ।

 पेडों , मेढो, रास्तो के पास से नमूना न ले ।

 साफ औजारो (जंग रहत) तथा साफ थैलयों का उपयोग करें ।

 नमूनों के साथ सूचना पत्रक  वय रखें ।

याद रखे क खेत का मिटटी परीक्षण उतना ही  ावयक है जतनी क स्वास्थ्य के लये चकत्सक से जांच करवाते रहना । इस प्रत्येक तीन वर्षो में  नवार्य रूप से दोहराते रहना चाहये।

 

नर्धारत ाुल्क

मिटटी परीक्षण हेतु ाासन -ारा नर्धारत रयायती दर ाासन -ारा कसानो के खेतो की मिटटी के सूक्ष्म तत्व वलेषण करने हेतु सामान्य कृषको के लये रू. ४०/ प्रत नमूना तथा अनुसूचत जात/ नुसूचत जनजात के लये रू. ३०/ प्रत नमूना ाुल्क नर्धारत कया गया है ।

मुख्य तत्वों के वलेषण हेतु सामान्य कृषको के लये रू.५/ प्रत नमूना तथा  नुसूचत जात/ नुसूचत जनजात के कृषको के लये रू० ३/ प्रत नमूना नर्धारत कया गया ।

 

वर्ष ०७०८ का प्रयोगाालावार लक्ष्य

मृदा स्वास्थ्य कार्ड (वलेषण के आधार पर)