कला और शिल्प

   प्रचारक संस्थान

 

मध्यप्रदेश में संस्कृति और कला से संबंधित गतिविधियों के विकास, संरक्षण और अनुसंधान के लिए कई संगठन और संस्थाएं बनाई गई हैं।

 

 

कला परिषद

सन 1952 में इसकी स्थापना हुई। यह संगठन संगीत, नृत्य, नाटक और ललित कला के लिए एक अकादमी के रूप में काम कर रहा है।

 

साहित्य परिषद

1954 में स्थापित साहित्य परिषद, राज्य में हिन्दी साहित्य के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए रचनात्मक आलोचनात्मक साहित्य वार्ता और सम्मेलनों का आयोजन करती है।

 

उर्दू अकादमी

यह अकादमी सन 1976 से उर्दू साहित्य के संरक्षण और प्रोत्साहन हेतु गरीब उर्दू कवि और साहित्यिक समाजों को वित्तीय सहायता दे रही है। उर्दू किताबों के प्रकाशन और उर्दू पुस्तकों के पुस्तकालयों के लिए भी अकादमी वित्तीय मदद की व्यवस्था करती है।

 

भारत भवन

13 फरवरी, 1982 को भोपाल में स्थापित भारत भवन, साहित्यिक और मंच कलाकारों के बीच आपसी निकटता मजबूत करनेवाला एक बहुआयामी कला केंद्र है। शहरों, गांवों और जंगलों में पनपती, स्थायी महत्व की सबसे अच्छी कृतियों को आश्रय देना, भारत भवन का उद्देश्य है। भोपाल में ‘अपर लेक' के तट पर झुकी हुई चट्टानों पर भारत भवन स्थित है। इसकी वास्तुकला और रचना भी देखने लायक है।

चार्ल्स कोर्रा इस इमारत के वास्तुकार है। भारत भवन के कक्षों में रूपांकर, वगर्थ, रंग मंडल, अनहद, आश्रम और निराला सृजन पीठ शामिल है।

 

कालिदास अकादमी

नृत्य और संगीत, कला प्रदर्शनियां, पारंपरिक नाटक, लोककला, लोकसंगीत और लोकनृत्य के प्रदर्शन से जुडे व्याख्यान, अनुसंधान, वार्ता तथा प्रशिक्षण आयोजित करना, इस अकादमी का उद्देश्य है। सन 1977 में इसकी स्थापना हुई। यह प्रकाशन और अनुसंधान का काम भी करती है।

 

उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत अकादमी

यह अकादमी अलाउद्दीन खाँ व्याख्यान श्रृंखला, दुर्लभ वाद्य विनोद, चक्रधर महोत्सव, कथ्थक प्रसंग, मैहर में अलाउद्दीन खान मेमोरियल संगीत समारोह और इंदौर में आमिर खाँ महोत्सव आदि कार्यक्रमों का आयोजन करती है।

 

लोक कला परिषद

जनजातीय कला और सांस्कृतिक परंपराओं का सर्वेक्षण और दस्तावेज़ों का रखरखाव, इस कला परिषद का काम और उद्देश्य है।