leaf कार्यालय जिला उद्यानिकी मिशन समिति बड़वानी, जिला बड वानी (म.प्र.) :

 

विकास खण्ड बड़वानी

विकास खण्ड ठीकरी

   मैं कृशक मुकेश पिता रामेश्वर निवासी गवला उद्यानिकी मिशन योजना के अंतर्गत मैंने बैंक से ऋण लेकर २.००० हेक्टर में केला लगाया। षासन से उद्यानिकी विभाग से मु-हजये १५०००/-ंउचय प्रथम वर्श में ९०००/-ंउचय, द्वितीय वर्श में अनुदान प्राप्त हुआ। उद्यानिकी अधिकारीयों के मार्गदर्षन में काम किया मु-हजये केले की फसल से मु-हजये एक लाख प्रति एकड़ के मान से ५ लाख षुद्ध लाभ मिला जैसे श्रीमंत किस्म केला लगाया प्रारंभिक खेत की तैयारी में ३० ट्राली गोबर खाद डाला २० बेग यूरीया डाला सुपर फास्फेट ४० बेग के करीब डाला षेश जैविक खाद्‌ डाला मु-हजये प्रति एकड २००००/-ंउचय की लागत मीली। षासन इसी प्रकार कृशकों को सहायता देते रहे ता,े किसान ज्यादा जागरूक होकर केला लगायेगा। एवं अपनी माली हालत में सुधार लायेगा।

 

 

 

विकास खण्ड निवाली
   मैं कृशक कैलाश पिता छतरसिंग जाति बारेला ग्राम मोरगुन वि.ख. निवाली का निवासी हूं। मैंने गत वर्श ०७-ंउचय०८ उद्यानिकी विभाग के चौहान बाबुजी से मीर्च का बीज जाति निर्मल-ंउचय१२ एक एकड़ में लेकर लगाया था। चौहान बाबुजी के मार्गदर्षन में मैं बीज का उपचार थाईरम दवाई से किया एवं बीज बोया गया। एक माह का रोपा होने पर मैंने अपने खेत में रोपाई की व इनके मार्गदर्शन में ही समय-ंउचय समय पर खाद्‌ व दवाई का छिड काव किया। वर्शा के मौसम में मैंने हरी मीर्च बेची व वर्शा पष्चात्‌ मीर्च को लाल करके ही तुड ाई की व सुखाई इनके मार्गदर्शन में ही खेती की गई व इनके मार्गदर्शन में ही मीर्च की फसल पकाई जिसका मु-हजये भरपुर उत्पादन मिला। मेरी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। मीर्च की फसल ने मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार किया।
   मैं उद्यान विभाग का चौहान बाबुजी का आभारी हूं। कि मेरे जैसे गरीब कृशक को उन्नत बीज व उन्नत तरीके से खेती करना सीखाया।
Cost of Cultivate Crop Chili Arga
1- बीज १०० ग्राम उद्यान विभाग से ३०००.००
2- खेत की तैयारी               १०००.००
3- रोपा तैयार करना व रोपाई      ३०००.००
4- Pest & Disease Control      २०००.००
5- फसल की तुड़ाई व मजदूरी     ५०००.००
6- मार्केटिंग                    १०००.००
टोटल :- १७०००.००
हरी मीर्च १० फनपण् ग् ४०० = ४०००.००
सुखी मीर्च १०फनपण् ग् ५००० = ५००००.००
टोटल :-ंउचय ५४०००.००
षुद्ध लाभ ५४०००.०० - १७०००.०० =३७०००.००

 

 

 

विकास खण्ड ठीकरी
   मैं कृशक नाथु पिता भाना जाति सिर्वी ग्राम फत्यापुर विकास खण्ड ठीकरी म.प्र. षासन की उद्यानिकी मिषन योजना के अंतर्गत फत्यापुर नर्सरी से २६८० किस्म मिर्च का बीज १.००० हेक्टर मेंने २५० ग्र्राम बीज लगाया था। आदान सामग्री के रूप में मु-हजये जैविक खाद्‌ व टॉनिक दवाई भी मिली जिते मैंने अपनी मिर्च की फसल में डाला। मेरी फसल बहुत ही अच्छी रही। प्रति हेक्टर में मैंने २० ट्राली गोबर खाद्‌ व १५ बोरी युरिया इफ्को ५ बोरी १० बोरी सुपर, पोटास ३ बोरी डाला एवं ४ से ५ लीटर दवाई का स्प्रे करा। कुल मिलाकर ५० हजार रूपये की लागत लगी। हरी मिर्च के रूप में मैंने १०० क्विंटल बेच चुका हुं। जिसका मु-हजये १ लाख रूपये प्राप्त हुए। तथा ४० क्विंटल लाल मिर्च का उत्पादन हुआ। जिसका मु-हजये १६००००/-ंउचय का प्र्राप्त हुए। इस प्रकार का मु-हजये २०००००/-ंउचय का षुद्ध लाभ हुआ।
   अतः मैं शासन से अपेक्षा करूंगा कि किसानो के हित में और योजनाएं संचालित होनी चाहिए। मसालो की खेती के रूप में मिर्च की फसल बहुत ही लाभाकारी हें किसानों के आर्थिक उत्थान में मिर्च वाली योजना बहुत ही लाभदायी रहेगी। मैं तो सर्वप्रथम नर्सरी के श्री सेहरे बाबुजी का बहुत आभारी हुं। जिन्होने मु-हजये समय -ंउचय समय पर मार्गदर्शन दिया।

 

   मैं कृशक घिस्या पिता बाला जाति सिर्वी ग्राम फत्यापुर वि.ख. ठीकरी षासन की ड्रीप योजना के अंतर्गत मैंने उद्यान विभाग से अनुदान लेकर मिर्र्ची की फसल में ड्रीप लगाया षुरूआत में तो मु-हजये इतने कम पानी से काम कैसे चलेगा आष्चर्य हो रहा था। किन्तु नर्सरी वाले बाबुजी एवं साहब के मार्गदर्षन में डेली २ से ३ घंटे ड्रीप चलाया साथ ही ड्रीप के ही द्वारा टॉनिक खाद्‌ एवं दवाई डाली ११/२ महिने में मेरी फसल की रौनक अलग ही दिखने लगी एवं हरी मिर्ची मैंने कम से कम ४ क्विंटल बेची तथा लाल मिर्च २०० क्विंटल बेची खेत में निंदाई भी कम लगी कम खर्च में अच्छी पैदावार हुई।
   मैं षासन का बहुत आभारी हूं। जो मु-हजये ड्रीप लगाने हेतु सहायता मिली तथा ड्रीप से मिर्ची पैदावार ज्यादा हुई तथा मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार आया।


   मैं कृशक रन्छोड़ पिता हरी जाति पाटीदार निवासी बड दा वि.ख. ठीकरी षा. उद्यान फत्यापुर से श्री सेहरे बाबुजी व षर्मा साहब के मार्गदर्षन में मैंने ६०० घन फीट का वर्मी कम्पोस्ट यूनिट निर्माण किया यूनिट निर्माण में मु-हजये २५०००/-ंउचय का खर्चा लगा। इसमें षुरू में मैंने १५ किलो ग्राम केचुआ डाला ११/२ से २ माह बाद मु-हजये एक यूनिट से मु-हजये ३०० बोरी खाद प्राप्त हुआ। जिसे मैंने अपने खेत में डाला केले की फसल में काफी रोनक आई मिर्च व अदरक फसल में भी प्रयोग किया इसका संतोश जनक परिणाम प्राप्त हुआ। षासन की मिषन योजना से मु-हजये १००००/-ंउचय का आर्थिक सहायता मिली यदि इसी प्रकार षासन की योजनायें कृशकों को जैविक खाद बनाने में सहयोग मिलता रहे तो कृशक काफी उन्नती कि ओर आग्रेसीत हो जायेगे। केचुआ खाद की प्रणाली मु-हजये बहुत अच्छी लगी तथा रा. खाद के अत्यधिक प्रयोग से जो जमीन काम उपजाऊ हुई केचुआ खाद उसका निदान हैं।

 

विकास खण्ड निवाली

मैं कृशक गारदीया पिता ओंकार जाति बारेला ग्राम जामन्या का निवासी हूं। मैंने गत वर्श ०७-ंउचय०८ में उद्यान विभाग के चौहान बाबुजी से भिण्डी निर्मल-ंउचय१४७ बीज एक एकड़ में लेकर अपने खेत में लगया था। चौहान बाबुजी के मार्गर्दान में मैंने धादुराम से बीज का उपचार किस्त व बीज की बोवाई की व समयत्र पर मैंने इनके मार्गदर्षन में दवाई का छिड काव किया व भिण्डी की तुड ाई करके मैंने निवाली, खेतीया, षहदा व सेंधवा के बाजार में विक्रय की जीससें मैंने काफी मुनाफा कमाया। इससे पूर्व मु-हजये इतना मुनाफा कभी नहीं हुआ। अब मेरी स्थिति आर्थिक काफी सुधर गई हैं। मैं इसका श्रेय उद्यान विभाग को बाबुजी चौहान को देता हूं। जीन्होने मेरी मदद की मैं इनका आभारी हूं।

Cost of Cultivation crop Bhindi 0.400 Ha.
1. Fym & Fertilizer                          1000.00
2. Preparation of soil                    1000.00
3. Seeds                                          1234.00
4. Seed sowing                                650.00
5. Pest & Disease Control            1500.00

6- फल की तुड़ाई व मार्केटींग                 1000-00
योज खर्च :-                                           6384-00
कुल उत्पादन क्विंटल में ३५ क्विंटल (हरी भिण्डी सब्जी रूप में) बाजार भाव :- 1500/- प्रति क्विंटल ग् ३५ क्विंटल कुल किमत :- 35 क्विंटल ग् १५०० = ५२५००.०० व्यय रू. ६३८४.०० व्ययषुद्ध लाभ रू. ४६११६.००

 

 

 

विकास खण्ड पानसेमल
मैं कृशक रजियाद्दीन रफियोद्दीन षेख जाति सामान्य ग्राम निसरपुर (खेतीया) का मूल निवासी हूं। मैंने वर्श २००७-०८ में उद्यान विभाग के श्री वी.एस. बड्‌डे बाबुजी से उद्यानिकी मिषन योजना अंतर्गत मिर्च रोपण हेतु मिर्च मैना १२ १.००० हेक्टर में लेकर श्री बड्‌डे बाबुजी के मार्गदर्षन में पौध क्यारिया तैयार कर बीज बुवाई कर पौध तैयार किया गया। व खेत में मिर्च पौध का रोपण किया गया। व समयत्र पर मैंने उनके मार्गदर्षन में विभाग द्वारा प्रदाय खाद, दवाई व टानिक का छिड़काव किया। जिससे मिर्च के अवषत से ज्यादा वृद्धि हुई। व उत्पादन भी अधिक मात्रा में प्राप्त किया। हरी मिर्च की तुड ाई कर के मैंने षहदा, दोंडायचा, नंदुरबार व खेतीया पानसेमल के बाजार में विक्रय की जिससें मैंने आज दिनांक २५.०६.२००८ तक लभभग ४०० क्विंटल हरी मिर्ची बेचकर काफी मुनाफा कमाया इससे पूर्व मुझे इतना मुनाफा कभी नहीं हुआ। अब मेरी आर्थिक स्थिति काफी सुधर गई हैं। मैं इसका श्रेय उद्यान विभाग को व श्री बड्‌डे बाबुजी को देता हूं। जिन्होंने मेरी मदद की मैं इनका आभारी हूं।
मिर्च फसल उत्पादन की कृशि कार्य माला का विवरण रकबा १.००० हेक्टर
1- गोबर खाद 5000-00
2- भूमी की तैयारी 1000-00
3- रासायनी खाद 3100-00
4- जैवीक खाद (विभाग द्वारा प्राप्त) 2235-00
5- रोपणी खर्च (पौध तैयार) 500-00
6- बिज किमत 6250.00
7- सिचांई (ड्रीप) निंदई गुड़ई 10000-00
8- किट नासक छिड़काव (Insect) 10000-00
(जैवीक सल्फर) 376-00
9- अन्य खर्च (पौशक तत्व) 7234-00
10- फल तुड़ाई व अन्य 10000-00
  47697-00
नोट :- मिर्च फसल से निरंतर (१२ माह उत्पादन प्राप्त किया जा रहा हैं।)
कुल उत्पादन ४०० क्विंटल हरी मिर्च
बाजार भाव रू. १०००/- प्रति क्विंटल ग् ४०० क्विंटल
कुल किमत रू. ४००००० कुल व्यय रू. ४७६९५ षुद्ध लाभ रू. ३५२३०५