भूमि नक्शों का डिजिटाईजेशन विवरण


वीं पंचवर्षीय योजनान्तर्गत प्रदेश के सभी जिलों के समस्त ग्रामों के भूमि नक्शों के डिजिटाईजेशन की योजना तथा इसके क्रियान्वयन हेतु राशि रूपए 17.58 करोड़ के व्यय का मंत्रि-मंडल द्वारा दिनांक 18/04/04 को अनुमोदन किया गया।

 

भूमि नक्शों का डिजीटाईजेशन प्रायवेट वेण्डर के माध्यम से कराए जाने हेतु शासन द्वारा दिनांक 29/10/06 को बिड डॉक्यूमेट का अनुमोदन किया गया।

अनुमोदित बिड-डॉक्यूमेंट की ई-टेण्डरिंग की कार्यवाही वर्ष 2007-08 में पूर्ण की जा कर पाँच कम्पनियों का चयनकिया जाकर कार्यादेश दिनांक 5/4/08 को कार्यादेश जारी किया गया है फिलहार प्रदेश के 7 जिलों (ग्वालियर, सतना, जबलपुर, इंदौर, भोपाल सीहोर तथा हरदा) में भूमि नक्शों के डिजिटाईजेशन का कार्य प्रगति पर है।

 

भूमि नक्शों के डिजिटाईजेशन पर लगभग रूपए 18.00 करोड़ का व्यय संभावित है भूमि नक्शों के डिजिटाईजेशन कार्य हेतु वित्तीय वर्ष 07-08 में भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रूपए 987.746 लाख उपलब्ध कराए गए हैं जिसका उपयोग वर्ष 08-09 में भूमि नक्शों के डिजिटाईजेशन के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।

 

भूमि नक्शों के डिजिटाईजेसन पश्चात् डिजिटाइज्ड नक्शों को कम्प्यूटरीकृत डाटा (खसरा) से लिंक करने की कार्यवही की जानी है इस कार्यवाही से प्रदेश के खातेदारों को उनके खाते की भूमि के कम्प्यूटरीकृत खसरा एवं नक्शे की नकल दी जा सकेगी, खसरे तथा नक्शे को एक साथ अद्यतन किया जा सकेगा जिससे भू-अभिलेखों की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनी रहेगी।