ग्रामों की आबादी भूमि का अभिलेखीकरण विवरण


ग्रामों की आबादी भूमि में निवास करने वाले धारकों को उनकी भूमि का अधिकार पत्र प्रदाय करने का महत्वपूर्ण कार्य शासन द्वारा वर्ष 05 में प्रारंभ किया गया है प्रदेश की आबादी भूमि के धारक इस अधिकार पत्र का उपयोग शोध्य-क्षमता प्रमाण-पत्र बनवाने, बैंक से ऋण प्राप्त करने, बैंक गारण्टी प्राप्त करने एवं न्यायालय में जमानत लेने में कर सकेंगे इसके अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जिले में पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में विभागीय अमले द्वारा एक-एक ग्राम की आबादी भूमि का सर्वे कर नक्शा एवं अभिलेख तैयार कराया गया है।

वित्तीय वर्ष 07-08 में प्रत्येक जिले के कलेक्टर को रूपए 3.00 लाख का बजट आवंटित कर संविद ाके आधार पर प्रायवेट सर्वेयर से टोटल स्टेशन मशीन के उपयोग से प्रोग्रामिंग मोड में 18 ग्रामों की आबादी भूमि का नक्शा तैयार करने के निर्देश दिए गए किन्तु जिलों में प्रायवेट सर्वेयर उपलब्ध न होने के कारण कार्य प्रगति संतोषजनक नहीं रही ऐसी स्थिति में शासन द्वारा आबादी भूमि के नक्शा एवं अभिलेख निर्माण का कार्य प्रदेश स्तर पर निविदाएं आमंत्रित कर प्रायवेट वेण्डरों के माध्यम से कराए जाने का निर्णय लिया गया है निविदाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है तकनीकी रूप से सफल निविदाकारों का चयन कर लिया गया है शीघ्र ही वित्तीय समिति की बैठक आयोजित कर सफल कंपनियों को कार्यादेश जारी करने की कार्यवाही की जाएगी

वित्तीय वर्ष 08-09 में इस कार्य के लिए उपलब्ध बजट रूपए 506.00 लाख के ऊपयोग से प्रदेश के किसी एक जिले के सम्पूर्ण ग्रामों की आबादी भूमि का अभिलेख तैयार करने की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी।