फूड फार एजुकेशन अर्थात् शिक्षा के लिए भोजन कार्यक्रम

फूड फार एजुकेशन अर्थात् शिक्षा के लिए भोजन कार्यक्रम 
 
उद्देश्य
 
     प्रदेश में सबसे कम महिला साक्षरता वाले झाबुआ एवं बड़वानी जिलों में साक्षरता का प्रतिशत बढ़ाना तथा कुपोषण से बचाव करना ।
 
 
योजना स्वरूप और कार्यक्षेत्र 
 
     आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जिला झाबुआ एवं बड़वानी के आदिवासी विकासखण्डों की कक्षा 1 से 5 वीं तक अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को विश्व खाद्य कार्यक्रम ,द्वारा प्रति हितग्राही 100 ग्राम प्रतिदिन के मान से वर्ष में 200 दिवसों हेतु प्रोटीन युक्त बिस्किट निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है तथा परिवहन स्टोरेज आदि के लिए राज्य शासन द्वारा व्यय वहन किया जा रहा है । 
 
 
पात्र हितग्राही  
 
      कार्यक्रम अंतर्गत जिला झाबुआ एवं बड़वानी के आदिवासी विकासखण्डों की कक्षा 1 से 5 वीं तक शासकीय प्राथमिक शालाओं तथा शासन से अनुदान प्राप्त प्राथमिक शालाओं के छात्र/छात्रायें ।
 
 
हितग्राही चयन प्रक्रिया
 
     जिला झाबुआ एवं बड़वानी की प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत हितग्राहियों को जिनकी वर्ष में उपस्थिति 80 प्रतिशत होती हैं, सुबह के नाश्ते में बिस्किट उपलब्ध कराया जा रहा है ।
 
 
 
योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया 
 
    योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी शाला स्तर पर प्रधानाध्यापक /शिक्षक पालक संघ की होती है, विश्व खाद्यान्न कार्यक्रम ,द्वारा 100 ग्राम प्रोटीन युक्त बिस्किट प्रति हितग्राही प्रतिदिन के मान से वर्ष में स्कूल लगने के 200 कार्य दिवसांे के लिए निःशुल्क प्रदाय किया जा रहा है ।
 
 
 
संपर्क 
 
    प्राथमिक शालाओं के प्रधान अध्यापक शिक्षक पालक संघ ।
 
 
उपलब्धि 
 
    वर्ष 2005-06 में 339.40 लाख की राशि का प्रावधान किया गया जिसमें  28668  हितग्राही लाभान्वित किये गये है, इस कार्यक्रम के लागू किए जाने से शाला त्यागने की प्रवृत्ति में कमी आयी है  एवं कुपोषण से बचाव हो रहा है ।